Agrasen Mahavidyalya
Agrasen Mahavidyalya

About Us

About College

अग्रसेन महाविद्यालय

संकल्प - साधना - समर्पण


अग्रसेन महाविद्यालय अग्रवाल समाज के महाराजाधिराज अग्रसेन शिक्षण समिति द्वारा संचालित एक बहुउद्देशीय रोजगारोन्मुखी महाविद्यालय है। छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के पितामह दाऊ कल्याण सिंग जी ने छत्तीसगढ़ के लोकहित में अनेक दान किये है। शिक्षा के क्षेत्र में कृषि महाविद्यालय में 1728 एकड़ जमीन व नगद दान दिया था । रायपुर के कालीबाड़ी स्कूल में इनका योगदान रहा है।

बलौदाबाजार का वाणिज्य महाविद्यालय तथा भाटापारा में विद्यालय के लिए दिया गया जमीन दान अविस्मरणीय है। चिकित्सा क्षेत्र में रायपुर का डी.के. अस्पताल इन्हीं के दान में समर्पित है। दाऊ बसेशरनाथ क्षय आरोग्यधाम जहां अभी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान है इन्हीं के दान की गाथा गाती है। इसी दान के कड़ी को आगे बढ़ाते हुये शिक्षा दान का एक सोपान छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के द्वारा अग्रसेन महाविद्यालय के रूप में स्थापित हुआ है। समाज द्वारा संचालित जे.के.दानी विद्यालय शालेय शिक्षा के साथ नगर का शिक्षा केन्द्र बना हुआ है।

इस महाविद्यालय पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से बी.कॉम, कम्प्यूटर एप्लीकेशन, बी.बी.ए., पी.जी.डी.सी.ए., बी.सी.ए., डी.सी.एस.टी., डी.सी.ए., एम.एस.डब्लू. तथा बी.जे.एम.सी., पी.जी. डिप्लोमा इन जर्नलिज्म, पी.जी. डिप्लोमा इन योगा (प्रस्तावित पाठ्यक्रम) पाठ्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से सम्बद्ध है, जो की रायपुर शहर का प्रथम महाविद्यालय है। जहाँ परीक्षाफल सभी सत्रों में 90% से अधिक रहता है और सभी छात्र कहीं न कहीं कार्य में नियुक्त हैं।

हरखचंद ग्रंथालय में लगभग 8600 से अधिक किताबें है तथा महाविद्यालय में N-LIST INFLIBNET जो की यू. जी. सी. से सम्बन्ध है जिसके द्वारा लगभग 96000 किताबों का इन्टरनेट के माध्यम से अध्ययन किया जा सकता है । महाविद्यालय में स्व. सुशांत अग्रवाल स्मृति बुक बैंक की स्थापना 1 मई 2015 को की गई है जिसके अन्तर्गत कोई भी छात्र अपनी जरुरत की किताबे पुरे साल भर के लिए प्राप्त कर सकता है । प्रोफ़ेसर विश्वमूर्ति कंप्यूटर संकाय 49 कंप्यूटर से सुसज्जित है । महाविद्यालय परिसर वाई-फाई इन्टरनेट से युक्त है ।

स्व. श्री एन.पी.अग्रवाल द्वारा प्रदत्त ग्राम - निमोरा में लगभग दो एकड़ जमीन महाविद्यालय के सार्थक क्रियाकलापों का द्वार खोल दिया है, जिसके लिए महाविद्यालय आभार व्यक्त करता है। इसके साथ ही महाविद्यालय द्वारा ग्राम- बेन्द्री में 6.47 एकड़ भूमि और क्रय किया गया है।

महाविद्यालय में विश्वविद्यालय परिनियम 28 के अन्र्तगत चयनित प्राध्यपकों से अध्यापन कार्य कराया जाता हैं। महाविद्यालय में कौशल विकास हेतु वाणिज्य, पत्रकारिता, कंप्यूटर के पाठ्यक्रम के लिए पंजीयन हेतु आवेदन किया गया है । जिसका लाभ आने वाले समय में छात्रों को मिलेगा ।